Thursday, March 14, 2019

आज की दुनिया का सबसे बड़ा साइंसदान

  MultiWit Technologies       Thursday, March 14, 2019
एक हाई टेक्नोलॉजी ट्राई साइकिल में बैठे रहने वाला यह शख्स आज की दुनिया का सबसे बड़ा साइंसदान था. इस शख्स का दर्जा इक्कीसवीं सदी में वही है जो पंद्रहवीं सदी में गैलिलियो, सोलहवीं सदी में न्यूटन और अठारवीं सदी में आइंस्टीन का था.

8 जनवरी 1942 को ‘इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड शहर में ‘फ्रैंक’ और ‘इसोबेल हाकिंग’ के यहाँ फिलिपा और मैरी से पहले एक बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम था ‘स्टेफेन विलियम हॉकिंग’. ठीक इसी तारीख को 300 साल पहले मशहूर वैज्ञानिक गैलिलियो, वही गैलिलियो जिसने रोमन साम्राज्य की मर्ज़ी के खिलाफ ज़मीन को सूरज के चारों तरफ घुमा दिया था, की मौत हुई थी.
स्टेफेन हमेशा से पैरालाइज्ड नहीं थे. उनकी दो शादियां हुई. 3 बच्चे भी हैं. वह शुरुआत में औसत छात्र माने थे, क्लास में सबसे ख़राब रैंक आती थी. लेकिन उनके माता पिता का मानना था कि लड़का जीनियस निकलेगा. आगे चल कर उन्होंने ऑक्सफोर्ड के एक एक्जाम में स्कॉलरशिप हासिल की. फिजिक्स में पहली रैंक मिली. कुछ समय बाद कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर हुए. 
स्टेफेन विलियम हॉकिंग एक बार अचानक सीढ़ियों से फिसलकर गिर पड़े थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. यही से पता चला उनकी भयानक बीमारी का. 21 साल के थे वो जब उन्हें इस बीमारी का पता चला. उनको एमियोट्रोफिक लेटरल स्केलरोसिस नाम की बीमारी थी . इसमें दिमाग के अंदर कुछ न्यूरॉन्स काम करना बंद कर देते हैं. आमतौर पर इस बीमारी के बाद आदमी सिर्फ तीन साल ही जी सकता है. डॉक्टर्स ने भी यही बताया की स्टेफेन सिर्फ 3 साल के मेहमान हैं इस दुनिया में, लेकिन वो 50 साल से ज्यादा इस धरती पर मेहमानी खाते रहे .40 साल से भी ज्यादा तक स्टेफेन अपनी हाई टेक्नोलॉजी ट्राई साइकिल पर बैठे रहे. साल 2007 में पहली बार जीरो ग्रेविटी महसूस करने के लिए जीरो ग्रेविटी कॉर्पोरेशन फ्लाइट का सफर किया,तब उससे अलग हुए थे.
1965 में उनकी पहली शादी हुई जेन वाइल्ड से. स्टेफेन की दूसरी शादी 1995 में एलेन मेसन से हुई जो उनकी नर्स थी. साल 2006 में दोनों का तलाक हो गया. इसके पीछे भी एक बड़ा अलग सा कारण है. स्टेफेन बह्मांड के लगातार अध्ययन के बाद ये मानने लगे थे कि बह्मांड किसी ईश्वर ने नहीं बनाया है, बल्कि यह पॉजिटिव और निगेटिव एनर्जी बराबर होने के कारण बना है. जबकि उनकी दूसरी पत्नी एलेन मेसन बहुत धार्मिक स्वभाव की थीं। दोनों की विचारधारा बिलकुल अलग होने के कारण 2006 में दोनों का तलाक हो गया.
स्टेफेन को दुनिया सिर्फ एक वैज्ञानिक के रूप में जानती है, एक वैज्ञानिक होने के साथ साथ वह एक राजनेता भी रहे वह लेबर पार्टी के सपोर्टर रहे। 1968 में उन्होंने वियतनाम युद्ध का विरोध किया. 2003 में उन्होंने इस्राईल का विरोध किया।

(ये आर्टिकल Multiwit के लिए सदफ़ ने किया है।) 
Physics Lecturer
SK Public School, Uttrakhand (India)
logoblog

Thanks for reading आज की दुनिया का सबसे बड़ा साइंसदान

Previous
« Prev Post

No comments:

Post a Comment